कुरान - 12:28 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
فَلَمَّا رَءَا قَمِيصَهُۥ قُدَّ مِن دُبُرٖ قَالَ إِنَّهُۥ مِن كَيۡدِكُنَّۖ إِنَّ كَيۡدَكُنَّ عَظِيمٞ

Transliteration: (Falammaa ra-aa qamee sahoo qudda min duburin qaala innahoo min kaidikunna inna kaidakunna 'azeem)

फिर जब (अज़ीज़ ने) देखा कि उनका कुर्ता पीछे से फटा हुआ है, तो उसने कहा, "निस्संदेह, यह तुम औरतों का छल (फ़रेब) है; बेशक तुम्हारा छल बहुत बड़ा होता है!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 28 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] "إِنَّ كَيْدَكُنَّ عَظِيمٌ" – सच्चाई का प्रकटीकरण

कुर्ते को पीछे से फटा देखकर अज़ीज़ समझ गया कि यूसुफ़ सर्वथा निर्दोष हैं और सारा षड्यंत्र उसकी पत्नी का था। उसने स्वीकार किया कि स्त्रियों का मकर व फ़रेब बहुत गहरा होता है।

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