कुरान - 12:47 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
قَالَ تَزۡرَعُونَ سَبۡعَ سِنِينَ دَأَبٗا فَمَا حَصَدتُّمۡ فَذَرُوهُ فِي سُنۢبُلِهِۦٓ إِلَّا قَلِيلٗا مِّمَّا تَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Qaala tazra'oona sab'a sineena da aban famaa hasattum fazaroohu fee sumbu liheee illaa qaleelam mimmaa ta'kuloon)

यूसुफ़ ने कहा, "तुम लगातार सात साल तक सामान्य रूप से खेती करते रहोगे; फिर जो फ़सल तुम काटो, उसे उसकी बालियों ही में रहने दो सिवाय थोड़े से हिस्से के जो तुम खाने के काम में लाओ।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 47 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] ताबीर और खाद्य सुरक्षा की अद्भुत योजना (Food Security Plan)

हज़रत यूसुफ़ ने केवल ताबीर ही नहीं बताई, बल्कि पूरे साम्राज्य को भुखमरी से बचाने की एक वैज्ञानिक और आर्थिक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सात साल भरपूर बारिश और पैदावार होगी। अतिरिक्त अनाज को बालियों सहित रखने का निर्देश दिया ताकि उसमें कीड़े न लगें और वह वर्षों तक ताज़ा रहे।

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