कुरान - 12:46 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

46
يُوسُفُ أَيُّهَا ٱلصِّدِّيقُ أَفۡتِنَا فِي سَبۡعِ بَقَرَٰتٖ سِمَانٖ يَأۡكُلُهُنَّ سَبۡعٌ عِجَافٞ وَسَبۡعِ سُنۢبُلَٰتٍ خُضۡرٖ وَأُخَرَ يَابِسَٰتٖ لَّعَلِّيٓ أَرۡجِعُ إِلَى ٱلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Yoosufu ayyuhas siddeequ aftinaa fee sab'i baqaraatin simaaniny ya'kuluhunna sab'un 'ijaafunw wa sabi'i sumbulaatin khudrinw wa ukhara yaabisaatil la'alleee arji'u ilan naasi la'allahum ya'lamoon)

"ऐ यूसुफ़! ऐ सच्चाई के प्रतीक (सिद्दीक़)! हमें बताइए कि सात मोटी गायें जिन्हें सात दुबली गायें खा रही हैं, और सात हरी बालियां और सात दूसरी सूखी हैं, (इसकी क्या ताबीर है?) ताकि मैं उन लोगों (राजा व दरबारियों) के पास लौट कर जाऊँ ताकि वे जान सकें।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 46 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 46 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] 'अय्युहास्सिद्दीक़' – सत्यनिष्ठ यूसुफ़ से मार्गदर्शन

साक़ी ने जेल पहुँचकर हज़रत यूसुफ़ को 'सिद्दीक़' (अति सच्चा) कहकर संबोधित किया और राजा का ख़्वाब पेश किया।

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