कुरान - 12:44 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

44
قَالُوٓاْ أَضۡغَٰثُ أَحۡلَٰمٖۖ وَمَا نَحۡنُ بِتَأۡوِيلِ ٱلۡأَحۡلَٰمِ بِعَٰلِمِينَ

Transliteration: (Qaalooo adghaasu ahlaa minw wa maa nahnu bi ta'weelil ahlaami bi'aalimeen)

उन्होंने कहा, "यह तो उलझे हुए बुरे ख़्वाब (अज़ग़ासु अहलाम) हैं, और हम ऐसे उलझे हुए ख़्वाबों की ताबीर नहीं जानते।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 44 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 44 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] दरबारियों और ज्योतिषियों की बेबसी

मिस्र के बड़े-बड़े ज्योतिषी, तांत्रिक और विद्वान राजा के ख़्वाब की ताबीर बताने से पूरी तरह असमर्थ रहे और इसे मन का भ्रम और परेशान करने वाला ख़्वाब बता दिया।

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