कुरान - 12:79 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
قَالَ مَعَاذَ ٱللَّهِ أَن نَّأۡخُذَ إِلَّا مَن وَجَدۡنَا مَتَٰعَنَا عِندَهُۥٓ إِنَّآ إِذٗا لَّظَٰلِمُونَ

Transliteration: (Qaala ma'aazal laahi an naakhuza illaa manw wajadnaa mataa'anaa 'indahoo innaaa izal lazaalimoon)

यूसुफ़ ने कहा, "अल्लाह की पनाह कि हम उसके सिवा किसी और को पकड़ें जिसके पास हमें हमारा सामान मिला है! यदि हम ऐसा करें, तो हम अवश्य ही ज़ालिम होंगे!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 79 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] न्याय का इस्लामी सिद्धांत: बेगुनाह को सज़ा नहीं

हज़रत यूसुफ़ ने इंसाफ़ का अटल नियम दोहराया कि जिसके पास से सामान बरामद हुआ है, उसी को रोका जाएगा; किसी बेगुनाह को दूसरे के अपराध के बदले सज़ा देना खुला ज़ुल्म है।

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