कुरान - 12:81 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

81
ٱرۡجِعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَبِيكُمۡ فَقُولُواْ يَـٰٓأَبَانَآ إِنَّ ٱبۡنَكَ سَرَقَ وَمَا شَهِدۡنَآ إِلَّا بِمَا عَلِمۡنَا وَمَا كُنَّا لِلۡغَيۡبِ حَٰفِظِينَ

Transliteration: (Irji'ooo ilaaa abeekum faqooloo yaaa abaanaaa innab naka saraq; wa maa shahidnaaa illaa bimaa 'alimnaa wa maa kunnaa lilghaibi haafizeen)

"तुम सब अपने पिता के पास वापस जाओ और कहो: ऐ हमारे पिता! आपके बेटे ने चोरी की है, और हमने केवल उसी बात की गवाही दी थी जिसे हमने (अपनी आँखों से) जाना था, और हम परोक्ष (ग़ैब) के पहरेदार नहीं थे!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 81 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 81 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पिता के सामने सच्चाई बयान करने का संदेश

बड़े भाई ने बाक़ी नौ भाइयों को कनान भेजा कि पिता को पूरी घटना बताओ कि उसकी बोरी से सरकारी प्याला निकला और वह गिरफ़्तार हो गया; हम केवल प्रत्यक्ष घटना के गवाह हैं, अंदरूनी भेद का हमें ज्ञान नहीं था।

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