कुरान - 12:78 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

78
قَالُواْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلۡعَزِيزُ إِنَّ لَهُۥٓ أَبٗا شَيۡخٗا كَبِيرٗا فَخُذۡ أَحَدَنَا مَكَانَهُۥٓۖ إِنَّا نَرَىٰكَ مِنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Qaaloo yaaa ayyuhal 'Azeezu inna lahooo aban shaikhan kabeeran fakhuz ahadanaa makaanahoo innaa naraaka minal muhsineen)

उन्होंने कहा, "ऐ अज़ीज़! इसके पिता बहुत बूढ़े बुज़ुर्ग हैं, अतः हम में से किसी एक को इसके स्थान पर (ग़ुलाम) रख लीजिए; निस्संदेह, हम आपको बड़ा उपकारी (मुहसिन) देख रहे हैं।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 78 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 78 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पिता के वचन को पूरा करने की अंतिम कोशिश

पिता से ली गई क़सम याद आते ही भाई घबरा गए और अज़ीज़ के आगे हाथ जोड़े कि हमारे बूढ़े पिता इसके वियोग में मर जाएंगे, आप हम दस भाइयों में से जिसे चाहें इसके बदले रख लें लेकिन इसे छोड़ दें।

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