कुरान - 12:90 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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قَالُوٓاْ أَءِنَّكَ لَأَنتَ يُوسُفُۖ قَالَ أَنَا۠ يُوسُفُ وَهَٰذَآ أَخِيۖ قَدۡ مَنَّ ٱللَّهُ عَلَيۡنَآۖ إِنَّهُۥ مَن يَتَّقِ وَيَصۡبِرۡ فَإِنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجۡرَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Qaaloo 'a innaka la anta Yoosufu qaala ana Yoosufu wa haazaaa akhee qad mannal laahu 'alainaa innahoo mai yattaqi wa yasbir fa innal laaha laa yudee'u ajral muhsineen)

वे चौंककर बोले, "क्या सचमुच तुम ही यूसुफ़ हो?" उसने कहा, "हाँ, मैं यूसुफ़ हूँ और यह मेरा भाई है। निश्चय ही अल्लाह ने हम पर बड़ा अनुग्रह (एहसान) किया है। सच यह है कि जो कोई अल्लाह से डरता है और सब्र करता है, तो अल्लाह नेकी करने वालों का बदला कभी व्यर्थ नहीं करता।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 90 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 90 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] भाइयों का आश्चर्य और पहचान

दरबार के अज़ीज़ की बात सुनकर और उसके चेहरे के अंदाज़ को देखकर भाइयों की आंखें खुल गईं और वे हैरत से कांप उठे: 'क्या आप ही यूसुफ़ हैं?'

✅ [2] सब्र और तक्वा की महान विजय

हज़रत यूसुफ़ ने तस्दीक की कि 'हाँ, मैं यूसुफ़ हूँ और यह मेरा भाई बिन्यामीन है।' उन्होंने अपनी इस बुलंदी और कामयाबी का सेहरा अपनी ताक़त पर नहीं, बल्कि अल्लाह के फ़ज़ल पर बांधा और दुनिया को पैग़ाम दिया कि तक्वा (परहेज़गारी) और सब्र का सिला अल्लाह कभी ज़ाया नहीं करता।

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