कुरान - 12:91 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

91
قَالُواْ تَٱللَّهِ لَقَدۡ ءَاثَرَكَ ٱللَّهُ عَلَيۡنَا وَإِن كُنَّا لَخَٰطِـِٔينَ

Transliteration: (Qaaloo tallaahi laqad aatharakal laahu 'alainaa wa in kunnaa lakhaati'een)

उन्होंने कहा, "अल्लाह की क़सम! निःसंदेह अल्लाह ने तुम्हें हम पर श्रेष्ठता और प्राथमिकता प्रदान की है, और वास्तव में हम ही ग़लती पर (गुनहगार) थे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 91 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 91 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] भाइयों का पश्चाताप और अपराध स्वीकार

भाइयों ने बिना किसी हील-हुज्जत के अपनी पराजय और घोर पाप को स्वीकार कर लिया। उन्होंने माना कि अल्लाह ने यूसुफ़ को ज्ञान, चरित्र, सुंदरता और पदवी हर लिहाज़ से उन पर अफ़ज़ल किया है और वे स्वयं ईर्ष्या व पाप के अपराधी थे।

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