कुरान - 12:99 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
فَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَىٰ يُوسُفَ ءَاوَىٰٓ إِلَيۡهِ أَبَوَيۡهِ وَقَالَ ٱدۡخُلُواْ مِصۡرَ إِن شَآءَ ٱللَّهُ ءَامِنِينَ

Transliteration: (Falammaa dakhaloo 'alaa Yoosufa aawaaa ilaihi abawaiyhi wa qaalad khuloo Misra inshaaa'al laahu aamineen)

फिर जब वे सब यूसुफ़ के पास पहुंचे, तो उसने अपने माता-पिता को अपने पास जगह दी (गले लगाया) और कहा, "अल्लाह की मर्जी से मिस्र में पूर्ण शांति और सुरक्षा के साथ प्रवेश कीजिए।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 99 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] मिस्र में भव्य स्वागत और माता-पिता का सम्मान

हज़रत यूसुफ़ ने शहर के बाहर निकलकर अपने वालिदैन और पूरे परिवार का शानदार इस्तक़बाल किया। उन्होंने अपने माता-पिता को गले लगाया और मिस्र में अमन व सलामती के साथ बसने की मुबारकबाद दी।

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