कुरान - 12:100 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

100
وَرَفَعَ أَبَوَيۡهِ عَلَى ٱلۡعَرۡشِ وَخَرُّواْ لَهُۥ سُجَّدٗاۖ وَقَالَ يَـٰٓأَبَتِ هَٰذَا تَأۡوِيلُ رُءۡيَٰيَ مِن قَبۡلُ قَدۡ جَعَلَهَا رَبِّي حَقّٗاۖ وَقَدۡ أَحۡسَنَ بِيٓ إِذۡ أَخۡرَجَنِي مِنَ ٱلسِّجۡنِ وَجَآءَ بِكُم مِّنَ ٱلۡبَدۡوِ مِنۢ بَعۡدِ أَن نَّزَغَ ٱلشَّيۡطَٰنُ بَيۡنِي وَبَيۡنَ إِخۡوَتِيٓۚ إِنَّ رَبِّي لَطِيفٞ لِّمَا يَشَآءُۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ

Transliteration: (Wa raf'a abawaihi 'alal 'arshi wa kharroo lahoo sujjadaa; wa qaala yaaa abati haaza taaweelu ru'yaaya min qablu qad ja'alahaa Rabbee haqqaa; wa qad ahsana beee iz akhrajanee minas sijni wa jaaa'a bikum minal badwi mim ba'di an nazaghash Shaitaanu bainee wa baina ikhwatee; inna Rabbee lateeful limaa yashaaa'; innahoo Huwal 'Aleemul Hakeem)

और उसने अपने माता-पिता को तख़्त (शाही आसन) पर बिठाया और वे सब उसके आगे सजदे में गिर पड़े। यूसुफ़ ने कहा, "ऐ मेरे पिता! यह मेरे उस पुराने ख़्वाब की ताबीर (हक़ीक़त) है; मेरे रब ने इसे सच कर दिखाया। और उसने मुझ पर बड़ा एहसान किया जब मुझे क़ैदख़ाने से निकाला और आपको रेगिस्तान (देहात) से यहाँ ले आया, इसके बाद कि शैतान ने मेरे और मेरे भाइयों के बीच फ़साद डाल दिया था। निस्संदेह मेरा रब जो चाहे उसके लिए सूक्ष्म तदबीर करने वाला (बड़ा मेहरबान) है; निश्चय ही वह सब कुछ जानने वाला, बड़ा हिकमत वाला है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 100 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 100 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] बचपन के ख़्वाब की हक़ीक़त और ताज़ीमी सजदा

सूरह के आरंभ में हज़रत यूसुफ़ ने 11 तारों, सूरज और चांद को सजदा करते देखा था। यहाँ 11 भाई और माता-पिता ने उनके आगे ताज़ीमी सजदा (सम्मान का सजदा) किया, जो उस शरीअत में जाइज़ था (इस्लाम की शरीअत में अल्लाह के सिवा किसी के आगे झुकना या सजदा करना हराम है)।

✅ [2] हज़रत यूसुफ़ की विनम्रता और भाइयों पर एहसान

हज़रत यूसुफ़ ने कुएं का ज़िक्र तक नहीं किया ताकि भाइयों को शर्मिंदगी न हो, बल्कि केवल क़ैदख़ाने से रिहाई का ज़िक्र किया और सारे झगड़े का ज़िम्मेदार शैतान को ठहराया। इसे कहते हैं पैग़म्बराना अख़लाक़ और बुज़ुर्ग़ी।

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