कुरान - 12:102 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

102
ذَٰلِكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلۡغَيۡبِ نُوحِيهِ إِلَيۡكَۖ وَمَا كُنتَ لَدَيۡهِمۡ إِذۡ أَجۡمَعُوٓاْ أَمۡرَهُمۡ وَهُمۡ يَمۡكُرُونَ

Transliteration: (Zaalika min ambaaa'il ghaibi nooheehi ilaika wa maa kunta ladaihim iz ajma'ooo amrahum wa hum yamkuroon)

यह ग़ैब (परोक्ष) के समाचारों में से है जिसकी हम आपकी ओर वह्य (प्रकाशना) करते हैं। आप उस समय उनके पास उपस्थित न थे जब वे मिलकर अपनी योजना बना रहे थे और षड्यंत्र रच रहे थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 102 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 102 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] नुबुव्वत-ए-मुहम्मदिया का खुला प्रमाण

अल्लाह तआला नबी करीम ﷺ को मुख़ातब करके फ़रमाता है कि हज़रत यूसुफ़ और उनके भाइयों का यह विस्तृत और सत्य वाक़िआ आपकी नुबुव्वत का मोजिज़ह है, क्योंकि आप उस समय मौजूद न थे और न ही किसी इंसान से सीखा, बल्कि यह ख़ालिस अल्लाह की वह्य है।

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