कुरान - 20:100 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

100
مَّنۡ أَعۡرَضَ عَنۡهُ فَإِنَّهُۥ يَحۡمِلُ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وِزۡرًا

Transliteration: (Man a'rada 'anhu, fa innahoo yahmilu Yawmal Qiyaamati wizraa)

100. जो शख़्स इससे मुंह फेरेगा, तो बेशक वह क़ियामत के दिन (गुनाह का) भारी बोझ उठाएगा [143] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 100 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 100 की तफ़सीर

"जो शख़्स इससे मुंह फेरेगा, तो बेशक वह क़ियामत के दिन भारी बोझ उठाएगा [143] ।"

[143] क़ुरआन से एराज़ का अंजाम

क़ुरआने मजीद की हिदायत से मुंह मोड़ने वाला क़ियामत के दिन अपने गुनाहों और कुफ़्र का ऐसा अज़ीम बोझ उठाएगा जो उसे जहन्नम की गहराई में धकेल देगा।

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