कुरान - 20:22 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
وَٱضۡمُمۡ يَدَكَ إِلَىٰ جَنَاحِكَ تَخۡرُجۡ بَيۡضَآءَ مِنۡ غَيۡرِ سُوٓءٍ ءَايَةً أُخۡرَىٰ

Transliteration: (Wadmum yadaka ilaa janaahika takhruj baidaaa'a min ghairi sooo'in Aayatan ukhraa)

22. 'और अपना हाथ अपनी कांख (बग़ल) से मिला लो [23]; वह बिना किसी ऐब (बीमारी) के बिल्कुल सफ़ेद चमकता हुआ निकलेगा, यह एक और निशानी है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 22 की तफ़सीर

" 'और अपना हाथ अपनी कांख (बग़ल) से मिला लो [23]; वह बिना किसी ऐब (बीमारी) के बिल्कुल सफ़ेद चमकता हुआ निकलेगा, यह एक और निशानी है।' "

[23] यद-ए-बैज़ा: नबूवत की रोशन निशानी

इसका मतलब यह है कि: अपनी दाहिनी हथेली को बाईं कांख (बग़ल) के नीचे दबाओ, और जब उसे बाहर निकालोगे तो वह सूरज की तरह जगमगाता और रौशन होगा—किसी बीमारी या बरसों के सफ़ेद दाग़ की वजह से नहीं, बल्कि अल्लाह की तरफ़ से एक रौशन मौजिज़ा बनकर।

और जब उसे दोबारा वहीं रखोगे, तो वह अपनी असली हालत पर वापस आ जाएगा।

यह हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की नबूवत को तक़वियत देने और उन्हें अज़ीम मिशन के लिए तैयार करने के वास्ते दूसरी बड़ी निशानी अता फ़रमाई गई।

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