Transliteration: (Fa-alqaahaa fa -izaa hiya haiyatun tas'aa)
"तो मूसा ने उसे डाल दिया, तो उसी वक़्त वह दौड़ता हुआ अज़दहा (सांप) बन गया [21]।"
इसका मतलब यह है कि वह लाठी जिसामत (आकार) में एक बहुत बड़ा अज़दहा (अजगर) बन गई, लेकिन रफ़्तार और फुर्ती में एक पतले और तेज़ सांप की तरह दौड़ने लगी।
अल्लाह तआला ने सूरह आराफ़ में फ़रमाया: "फ़-इज़ा हिया सुअ़्बानुम मुबीन" (सूरह 7, आयत 107) यानी वह ज़ाहिर अज़दहा बन गया। और सूरह नम्ल में फ़रमाया: "क-अन्नहा जान्न" (सूरह 27, आयत 10) यानी गोया वह फुर्तीला सांप था।
लिहाज़ा इन आयतों में कोई तज़ाद (विरोध) नहीं है—जिसामत में अज़दहा था और हरकत में निहायत तेज़ व मुतह trick था।
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