कुरान - 36:55 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
إِنَّ أَصۡحَٰبَ ٱلۡجَنَّةِ ٱلۡيَوۡمَ فِي شُغُلٖ فَٰكِهُونَ

Transliteration: (Inna Ashaabal jannatil Yawma fee shughulin faakihoon)

बेशक जन्नत वाले आज के दिन अपने ऐश-ओ-आराम और मशग़लों में शाद-ओ-ख़ुर्रम हैं [86]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 55

"बेशक जन्नत वाले आज के दिन अपने ऐश-ओ-आराम में ख़ुश-ओ-ख़ुर्रम हैं [86]!"

[86] अहले जन्नत की मुसर्रत और मेहमानी

क़ियामत के दिन जहां काफ़िर होलनाकियों में मुब्तला होंगे, वहीं अहले जन्नत अल्लाह की दी हुई नेमतों, साएदार दरख़्तों, लज़ीज़ नेमतों, हूरों की हमनशीनी और सब से बढ़कर दीदारे इलाही और हुज़ूर अकरम ﷺ की सोहबत के लुत्फ़ में मस्त और शादमान होंगे।

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