कुरान - 36:53 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
إِن كَانَتۡ إِلَّا صَيۡحَةٗ وَٰحِدَةٗ فَإِذَا هُمۡ جَمِيعٞ لَّدَيۡنَا مُحۡضَرُونَ

Transliteration: (In kaanat illaa saihatanw waahidatan fa-izaa hum jamee'ul ladainaa muhdaroon)

वह तो बस एक भयानक चीख़ होगी [84], और अचानक वे सब के सब हमारे हुज़ूर हाज़िर कर दिए जाएंगे! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 53

"वह तो बस एक भयानक चीख़ होगी [84], और अचानक वे सब के सब हमारे हुज़ूर हाज़िर कर दिए जाएंगे!"

[84] एक ही आवाज़ और सारी कायनात की हाज़िरी

अरबों-खरबों इंसानों और जिन्नों को क़ब्रों से ज़िंदा करके मैदाने महशर में जमा करना अल्लाह के लिए कोई मुश्किल काम नहीं। बस इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) का एक सूर फूँकना होगा और पलक झपकते ही पूरी कायनात बारगाहे किबरिया में हाज़िर हो जाएगी।

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