Transliteration: (Wa nufikha fis-soori faizaa hum minal ajdaasi ilaa Rabbihim yansiloon)
"और सूर फूँका जाएगा [77], तो उसी वक़्त वे अपनी क़ब्रों से [78] अपने रब की तरफ़ तेज़ी से दौड़ते हुए निकल पड़ेंगे [79]!"
यह हज़रत इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) का दूसरा सूर होगा जिसके फूँकते ही तमाम इंसान दोबारा ज़िंदा हो जाएंगे। पहले और दूसरे सूर के दरमियान चालीस साल का फ़ासला होगा।
ज़मीन फट जाएगी और सदियों पहले ख़ाक में मिल जाने वाले जिस्म अपने सरों से मिट्टी झाड़ते हुए क़ब्रों से बाहर निकल आएंगे।
सब लोग अल्लाह तआला के हुक्म पर मैदाने महशर और बारगाहे अदालत की तरफ़ तेज़ी से दौड़े चले जाएंगे।
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