कुरान - 36:61 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

61
وَأَنِ ٱعۡبُدُونِيۚ هَٰذَا صِرَٰطٞ مُّسۡتَقِيمٞ

Transliteration: (Wa ani'budoonee; haazaa Siraatum Mustaqeem)

और यह कि सिर्फ़ मेरी ही इबादत करना; यही सीधा रास्ता (सिराते मुस्तक़ीम) है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 61 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 61

"और यह कि सिर्फ़ मेरी ही इबादत करना; यही सीधा रास्ता है।"

यह अहदे इलाही का दूसरा और बुनियादी हिस्सा है कि शैतान की पैरवी छोड़कर सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह वाहिद-ओ-यकता की इबादत और फ़रमांबरदारी इख़्तियार करो। यही अक़्ल, फ़ितरत और निजात का सीधा रास्ता (सिराते मुस्तक़ीम) है जिस पर चलने से इंसान दुनिया और आख़िरत दोनों जहानों में कामयाब होता है।

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