कुरान - 36:72 सूरह या-सीन अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
وَذَلَّلۡنَٰهَا لَهُمۡ فَمِنۡهَا رَكُوبُهُمۡ وَمِنۡهَا يَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Wa zallalnaahaa lahum faminhaa rakoobuhum wa minhaa ya'kuloon)

और हमने उन (जानवरों) को उनके ताबे कर दिया [108], तो उनमें से कुछ उनकी सवारियां हैं और कुछ को वे खाते हैं [109]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह या-सीन आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह या-सीन तफ़सीर - आयत 72

"और हमने उन जानवरों को उनके ताबे कर दिया [108], तो उनमें से कुछ उनकी सवारियां हैं और कुछ को वे खाते हैं [109]।"

[108] ताक़तवर जानवरों को ताबे फ़रमाना

ऊंट और बैल जैसे भारी-भरकम और ताक़तवर जानवरों को अल्लाह ने इंसानों के ऐसा ताबे कर दिया कि एक छोटा बच्चा भी ऊंट की नकेल पकड़ कर जहाँ चाहे ले जाता है। यह अल्लाह के मुकम्मल तसर्रुफ़ का मुजस्सम मोजिज़ाह है।

[109] सवारी और ग़िज़ा के दोहरे फ़ायदे

इन जानवरों से इंसान को दोहरा नफ़ा पहुंचता है — बाज़ जानवरों (जैसे घोड़े, खच्चर) से सवारी और बार-बरदारी का काम लिया जाता है, और बाज़ (जैसे बकरा, गाय, दुम्बा) का लज़ीज़ और हलाल गोश्त खाया जाता है, जबकि ऊंट में दोनों फ़ायदे जमा हैं।

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