कुरान - 10:40 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
وَمِنۡهُم مَّن يُؤۡمِنُ بِهِۦ وَمِنۡهُم مَّن لَّا يُؤۡمِنُ بِهِۦۚ وَرَبُّكَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُفۡسِدِينَ

Transliteration: (Wa minhum mai yu 'minu bihee wa minhum mal laa yu'minu bih; wa Rabbuka a'lamu bilmufsideen)

और उनमें से कुछ ऐसे हैं जो इस (क़ुरआन) पर ईमान लाएंगे, और कुछ ऐसे हैं जो ईमान नहीं लाएंगे। और आपका रब फ़साद फैलाने वालों को भली-भाँति जानता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 40 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] लोगों के दो वर्ग और अल्लाह का सर्वज्ञ होना

क़ुरआन की दावत सुनकर लोग दो हिस्सों में बंट जाते हैं: एक वे जो निष्पक्षता से विचार करके ईमान लाते हैं, और दूसरे वे जो हठधर्मिता और दुराग्रह के कारण कुफ़्र पर अड़े रहते हैं। अल्लाह दिलों के भेदों और फ़सादियों की नियत को खूब जानता है।

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