कुरान - 10:72 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
فَإِن تَوَلَّيۡتُمۡ فَمَا سَأَلۡتُكُم مِّنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَى ٱللَّهِۖ وَأُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ

Transliteration: (Fa in tawallaitum famaa sa altukum min ajrin; in ajriya illaa 'al allaahi wa umirtu an akoona minal muslimeen)

"फिर यदि तुम मुँह मोड़ लो, तो मैंने तुमसे कोई बदला (मज़दूरी) नहीं मांगा; मेरा बदला तो केवल अल्लाह के ज़िम्मे है, और मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं फ़रमांबरदारों (मुस्लिमों) में से रहूँ।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 72 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] निस्वार्थ प्रचार और इस्लाम की मूल पहचान

सच्चे नबी की पहचान यह है कि वह अपनी दावत के बदले लोगों से न कोई धन चाहता है और न कोई व्यक्तिगत लाभ। हज़रत नूह ने फ़रमाया कि मेरा पारिश्रमिक केवल अल्लाह देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इस्लाम' (अल्लाह की आज्ञाकारिता) ही आदम से लेकर मुहम्मद ﷺ तक तमाम अंबिया का साझा और सनातन धर्म रहा है।

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