कुरान - 10:84 सूरह यूनुस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
وَقَالَ مُوسَىٰ يَٰقَوۡمِ إِن كُنتُمۡ ءَامَنتُم بِٱللَّهِ فَعَلَيۡهِ تَوَكَّلُوٓاْ إِن كُنتُم مُّسۡلِمِينَ

Transliteration: (Wa qaala Moosaa yaa qawmi in kuntum aamantum billaahi fa'alaihi tawakkalooo in kuntum muslimeen)

और मूसा ने कहा, "ऐ मेरी क़ौम! यदि तुम वास्तव में अल्लाह पर ईमान लाए हो, तो उसी पर भरोसा (तवक्कुल) करो यदि तुम सच्चे मुस्लिम (आज्ञाकारी) हो।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूनुस आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूनुस – आयत 84 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] संकट में तवक्कुल की शिक्षा

हज़रत मूसा ने अपने अनुयायियों के हौसले को बुलंद करते हुए समझाया कि जब अल्लाह पर ईमान ले आए हो, तो फिर किसी ज़ालिम बादशाह से डरने की ज़रूरत नहीं। अपनी जान-माल का सारा मामला केवल अल्लाह के सुपुर्द कर दो।

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