कुरान - 93:1 सूरह अद-दुहा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

1
وَٱلضُّحَىٰ

Transliteration: (Wad duhaa )

1.और क़सम है सुबह की रौशनी की। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुहा आयत 1 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

इस सूरह के नुज़ूल का पस-ए-मंज़र (Background of the Revelation of this Surah)

कुछ दिनों तक वह़ी (क़ुरान का नाज़िल होना) का सिलसिला रुक गया था। इस पर कुछ बदनीयत काफिरों ने कहा कि अल्लाह तआला ने हज़रत मुहम्मद (ﷺ) को छोड़ दिया है और नापसंद कर लिया है। इन काफिरों के जवाब में ये सूरह नाज़िल हुई (तफ़सीर खज़ाइनुल इरफान, रूहुल म’ानी वगैरह)।

सूरह अल-लैल के साथ तुलना (Comparison with Surah Al-Lail)

सूरह अल-लैल में हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ (رضي الله عنه) पर की गई तानों का जवाब दिया गया, और इस सूरह में नबी करीम (ﷺ) पर की गई तानों का जवाब दिया गया।

सूरह की अहमियत (Significance of the Surah)

खुलासा ये है कि सूरह अल-लैल को "सिद्दीक़ी सूरह" कहा गया, जबकि इस सूरह को "मुहम्मदी सूरह" कहा गया (तफ़सीर अज़ीज़ी)।

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