कुरान - 44:2 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
وَٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ

Transliteration: (Wal Kitaabil Mubeen)

क़सम है इस रौशन (वाज़ेह) किताब की। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 2

"क़सम है इस रौशन किताब की।"

क़ुरआन-ए-करीम की रौशन हिदायत

अल्लाह तआला ने क़ुरआन-ए-मजीद की क़सम खाई जो हक़ और बातिल, हलाल और हराम, और हिदायत व गुमराही के दरमियान पूरी तरह वाज़ेह और रौशन फ़र्क़ करने वाली किताब है। इसका हर हुक्म और पैग़ाम इंसानियत की रहनुमाई के लिए नूर है।

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