कुरान - 44:25 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
كَمۡ تَرَكُواْ مِن جَنَّـٰتٖ وَعُيُونٖ

Transliteration: (Kam tarakoo min jannaatinw wa 'uyoon)

वे पीछे कितने ही बाग़ात और चश्मे छोड़ गए! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 25

"वे पीछे कितने ही बाग़ात और चश्मे छोड़ गए!"

दुनियावी ऐश-ओ-इशरत का ज़वाल

फ़िरऔन और उसके सरदारों के डूब जाने के बाद मिस्र के तमाम हरे-भरे बाग़ात, बहते हुए मीठे चश्मे और सरसब्ज़ वादियों का साज़ो-सामान यहीं का यहीं धरा रह गया और वे एक पल में सब कुछ छोड़कर हलाक हो गए। कोई भी दौलत उन्हें अज़ाब से न बचा सकी।

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