कुरान - 44:27 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
وَنَعۡمَةٖ كَانُواْ فِيهَا فَٰكِهِينَ

Transliteration: (Wa na'matin kaanoo feehaa faakiheen)

और वे ऐश-ओ-आराम के अस्बाब जिनमें वे मज़े उड़ाया करते थे! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 27

"और वे ऐश-ओ-आराम के अस्बाब जिनमें वे मज़े उड़ाया करते थे!"

ग़फ़लत और नाशुक्रगुज़ारी का अंजाम

वे अपने महलात और दौलत के नशे में बेफ़िक्र होकर ज़िंदगी बसर करते थे, मगर जब अल्लाह की पकड़ आई तो न उनका ऐश-ओ-आराम काम आया और न ही उनकी हुकूमत उन्हें डूबने से बचा सकी।

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