कुरान - 44:31 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

31
مِن فِرۡعَوۡنَۚ إِنَّهُۥ كَانَ عَالِيٗا مِّنَ ٱلۡمُسۡرِفِينَ

Transliteration: (Min Fir'awn; innahoo kaana 'aaliyam minal musrifeen)

फ़िरऔन से; बेशक वह सरकश, मुतक़ब्बिर और हद से बढ़ने वालों में से था। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 31 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 31

"फ़िरऔन से; बेशक वह सरकश, मुतक़ब्बिर और हद से बढ़ने वालों में से था।"

फ़िरऔन का तकब्बुर और सरकशी

फ़िरऔन महज़ एक ज़ालिम हुक्मरान ही नहीं था बल्कि उसने खुदाई का झूठा दावा तक किया था। वह अपने ज़माने का सबसे बड़ा मुतक़ब्बिर और ज़ुल्म व सरकशी में तमाम हुदूद को तोड़ देने वाला मुजरिम था। अल्लाह तआला ने बनी इसराईल को ऐसे ज़ालिम के शिकंजे से हमेशा के लिए निजात बख़्शी।

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