कुरान - 44:38 सूरह अद-दुखान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
وَمَا خَلَقۡنَا ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَا لَٰعِبِينَ

Transliteration: (Wa maa khalaqnas samaawaati wal arda wa maa baina humaa laa'ibeen)

और हमने आसमानों और ज़मीन को और जो कुछ उनके दरमियान है खेल के तौर पर [39] नहीं बनाया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अद-दुखान आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अद-दुख़ान तफ़सीर - आयत 38

"और हमने आसमानों और ज़मीन को और जो कुछ उनके दरमियान है खेल के तौर पर [39] नहीं बनाया।"

[39] कायनात की तख़लीक़ बा-मक़सद है

यह आयत इस बातिल ख़याल को सिरे से ख़ारिज फ़रमाती है कि कायनात की तख़लीक़ कोई बे-मक़सद या फ़ज़ूल खेल है। अगर दुनिया में कोई हिसाब-किताब, जज़ा और सज़ा न होती, तो इतनी अज़ीम कायनात का बनाना बिल्कुल बेमानी और बेकार साबित होता।

चूँकि अल्लाह तआला का कोई भी काम हिकमत से ख़ाली नहीं होता, इसलिए इस दुनिया का वजूद ही इस बात का पुख़्ता सुबूत है कि इसका एक अज़ीम मक़सद है—यानी आख़िरत की जवाबदेही और इंसाफ़।

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