कुरान - 46:14 सूरह अल-अहक़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ خَٰلِدِينَ فِيهَا جَزَآءَۢ بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Ulaaa'ika Ashabul Jannati khaalideena feehaa jazaaa'am bimaa kaano ya'maloon)

वही जन्नत वाले हैं, हमेशा उसमें रहेंगे; यह उनके आमाल का बदला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अहक़ाफ़ आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अहक़ाफ़ तफ़सीर - आयत 14

"वही जन्नत वाले हैं, हमेशा उसमें रहेंगे; यह उनके आमाल का बदला है।"

दायमी जन्नत और रज़ा-ए-इलाही

ऐसे साबित-क़दम मोमिनीन हमेशा-हमेशा के लिए जन्नत की नेअमतों में रहेंगे। यह उनके सच्चे ईमान और नेक आमाल पर अल्लाह का अज़ीम इनाम और रहमत है।

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