कुरान - 46:16 सूरह अल-अहक़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

16
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ نَتَقَبَّلُ عَنۡهُمۡ أَحۡسَنَ مَا عَمِلُواْ وَنَتَجَاوَزُ عَن سَيِّـَٔاتِهِمۡ فِيٓ أَصۡحَٰبِ ٱلۡجَنَّةِۖ وَعۡدَ ٱلصِّدۡقِ ٱلَّذِي كَانُواْ يُوعَدُونَ

Transliteration: (Ulaaa'ikal lazeena nata qabbalu 'anhum ahsana maa 'amiloo wa natajaawazu 'an saiyiaatihim feee Ashaabil jannati Wa'das sidqil lazee kaanoo yoo'adoon)

ये वे लोग हैं जिनके नेक आमाल हम क़बूल फ़रमाएंगे और उनकी ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाएंगे [46]; वे जन्नत वालों में से होंगे [47], उस सच्चे वादे [48] के तहत जो उनसे किया जाता था। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अहक़ाफ़ आयत 16 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अहक़ाफ़ तफ़सीर - आयत 16

"ये वे लोग हैं जिनके नेक आमाल हम क़बूल फ़रमाएंगे और उनकी ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाएंगे [46]; वे जन्नत वालों में से होंगे [47], उस सच्चे वादे [48] के तहत जो उनसे किया जाता था।"

[46] इस्लाम से पहले की ख़ताओं से पाकीज़गी

हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु को अल्लाह तआला ने इस्लाम लाने से पहले ज़माना-ए-जाहिलियत में भी शिर्क, ज़िना और शराब जैसी तमाम बुराइयों से महफ़ूज़ रखा था। आप बिल्कुल पाक-साफ़ होकर इस्लाम की आग़ोश में आए।

[47] हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ के जन्नती होने की क़ुरआनी सनद

यह आयत साफ़ गवाही देती है कि हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ जन्नत वालों के सरदार हैं। जो शख़्स आपके ईमान या जन्नती होने में शक करे वह इस क़ुरआनी आयत का इनकार करता है।

अस्हाब-ए-कहफ़ के साथ रहने वाले कुत्ते को नेक बंदों की सोहबत की वजह से जन्नत का शरफ़ मिला, तो सोचिए जो ग़ार-ए-सौर में हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ के पहलू में बैठा, जिसने अपनी गोद में साहिब-ए-क़ुरआन के सर-ए-अक़दस को रखा, उसकी अज़्मत और जन्नती मुक़ाम का क्या आलम होगा!

[48] दुनिया में सच्चा वादा और मज़ार-ए-अक़दस

हुज़ूर ﷺ ने दुनिया ही में हज़रत सिद्दीक़-ए-अकबर को जन्नत का साथी होने की बशारत दी। और दुनिया में भी हुज़ूर ﷺ के पहलू-ए-मुबारक में आपका मज़ार बना जो क़ियामत तक के लिए इस दायमी सोहबत की ज़िंदा निशानी है।

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