कुरान - 46:22 सूरह अल-अहक़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِتَأۡفِكَنَا عَنۡ ءَالِهَتِنَا فَأۡتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ

Transliteration: (Qaaloo aji'tanaa li taa fikanaa 'an aalihatinaa fa'tinaa bimaa ta'idunaaa in kunta minas saadiqeen)

वे कहने लगे: "क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें हमारे माबूदों से फेर दो? तो ले आओ हम पर वह चीज़ जिसका तुम हमसे वादा करते हो, अगर तुम सच्चे हो"। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अहक़ाफ़ आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अहक़ाफ़ तफ़सीर - आयत 22

"वे कहने लगे: 'क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हमें हमारे माबूदों से फेर दो? तो ले आओ हम पर वह चीज़ जिसका तुम हमसे वादा करते हो, अगर तुम सच्चे हो'।"

क़ौम-ए-आद की ढिठाई और अज़ाब की तलब

हक़ की नसीहत सुनने के बजाय उन्होंने हज़रत हूद अलैहिस्सलाम से कहा कि क्या तुम हमें अपने बुतों की पूजा छोड़ने को कहते हो? अगर सच्चे हो तो जिस अज़ाब से हमें डराते हो वह अज़ाब अभी लाकर दिखाओ! यह उनकी इंतिहाई सरकशी और हठधर्मी थी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now