Transliteration: (Qaala innamal 'ilmu indal laahi wa uballighukum maaa ursiltu bihee wa laakinneee araakum qawman tajhaloon)
"उन्होंने फ़रमाया: 'उसका इल्म तो सिर्फ़ अल्लाह ही के पास है [66], और मैं तुम्हें वह पैग़ाम पहुँचा रहा हूँ जिसके साथ मुझे भेजा गया है [67]; लेकिन मैं देख रहा हूँ कि तुम एक जाहिल क़ौम [68] हो'।"
अज़ाब कब और किस घड़ी नाज़िल होगा, इसका मुतलक़ फ़ैसला और वक़्त अल्लाह तआला ही के इख़्तियार में है।
नबी का काम अल्लाह का पैग़ाम पूरी अमानतदारी और वज़ाहत के साथ बंदों तक पहुँचा देना है, किसी पर जबरन अज़ाब लाना नबी की ज़िम्मेदारी नहीं।
हज़रत हूद ने फ़रमाया कि तुम निहायत नादान और जाहिल हो जो रहमत मांगने के बजाय अपने ऊपर अज़ाब को दावत दे रहे हो।
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