Transliteration: (Turjee man tashaaa'u minhunna wa tu'weee ilaika man tashaaa'u wa manibta ghaita mimman 'azalta falaa junaaha 'alaik; zaalika adnaaa an taqarra a'yunuhunna wa laa yahzanna wa yardaina bimaa aataitahunna kulluhunn; wal laahu ya'lamu maa fee quloo bikum; wa kaanal laahu 'Aleeman haleemaa)
"आप अपनी बीवियों में से जिसे चाहें पीछे हटा दें और जिसे चाहें अपने पास जगह दें; और जिन्हें आपने अलग रखा था उनमें से किसी को तलब फ़रमाएं तो आप पर कोई इल्ज़ाम नहीं। यह इससे ज़्यादा क़रीब है कि उनकी आँखें ठंडी रहें और वे ग़मगीन न हों, और जो कुछ आप उन्हें अता फ़रमाएं उस पर वे सब की सब राज़ी रहें; और अल्लाह जानता है जो कुछ तुम सबके दिलों में है। और अल्लाह जानने वाला, बुर्दबार है।"
(कन्ज़ुल ईमान तर्जुमा)
यह आयत-ए-मुबारका वाज़ेह फ़रमाती है कि हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ पर आम मर्दों की तरह बीवियों के दरमियान रातों की बारी (क़सम) बराबर तक़सीम करना वाजिब नहीं था:
आपको यह इख़्तियार दिया गया कि आप जिस बीवी को चाहें मौख़र फ़रमाएं (पीछे रखें) और जिसे चाहें अपने पास जगह दें।
यह सहूलत आपके मंसब-ए-रिसालत के मख़सूस शर्फ़ का हिस्सा थी।
इसके बावजूद हुज़ूर ﷺ ने अपनी रूहानी शफ़क़त से अपनी अज़वाज के दरमियान बेमिसाल अद्ल व इंसाफ़ क़ायम फ़रमाया और अपनी तरफ़ से बारी की पाबंदी फ़रमाई।
अगर हुज़ूर ﷺ ने किसी ज़ौजा-ए-मुतह्हरा को आरज़ी तौर पर अलग रखा हो (यानी बारी मौख़र की हो), तो अगर आप दोबारा उन्हें पास बुलाना चाहें, तो आप पर कोई हरज या मलामत नहीं।
यह इलाही निज़ाम:
अज़वाज-ए-मुतह्हरात के दिलों को तस्कीन बख़्शने के लिए था,
ताकि उनके दिलों में ग़म या रश्क पैदा न हो,
और वे हुज़ूर ﷺ की हर नवाज़िश और तवज्जोह को अल्लाह की तरफ़ से अता समझकर ख़ुशी-ख़ुशी क़बूल करें।
जब वे यह समझेंगी कि यह सब कुछ अल्लाह के हुक्म और रिआयत के तहत है, तो वे हुज़ूर ﷺ के हर फ़ैसले पर दिल से मुतमइन रहेंगी।
अल्लाह तआला अहले ईमान को याद दिलाता है कि वह दिलों के तमाम भेदों और कैफ़ियात को जानता है:
अगर किसी इंसान का दिल कुदरती तौर पर किसी तरफ़ ज़्यादा माइल हो,
तब भी उसे अद्ल पर क़ायम रहना चाहिए और किसी के हक़ को तलफ़ नहीं करना चाहिए।
हुज़ूर ﷺ और आपके मानने वालों को यह यकीन दिलाया गया है कि:
दिलों के मैलान पर इंसान का पूरा इख़्तियार नहीं, मगर आमाल में इंसाफ़ लाज़िम है,
और अल्लाह सब कुछ जानने वाला और बुर्दबार है, जो दिलों की नीयतों और अहसासात से पूरी तरह बा-ख़बर है।
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