कुरान - 6:101 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

101
بَدِيعُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ أَنَّىٰ يَكُونُ لَهُۥ وَلَدٞ وَلَمۡ تَكُن لَّهُۥ صَٰحِبَةٞۖ وَخَلَقَ كُلَّ شَيۡءٖۖ وَهُوَ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمٞ

Transliteration: (Badee'us samaawaati wal ardi annnaa yakoonu lahoo waladunw wa lam takul lahoo saahibatunw wa khalaqa kulla shain'inw wa Huwa bikulli shai'in 'Aleem)

यह आसमानों और ज़मीन का पैदा करने वाला है, उसके लिए बेटा कैसे हो सकता है जबकि उसके लिए कोई साथी [222] नहीं है, और उसी ने हर चीज़ को पैदा किया है [223] और वह हर चीज़ का ज्ञान रखने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 101 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 101 की तफ़्सीर

✅ [222] पैदा करने वाले को न साथी की ज़रूरत है न औलाद की

असली औलाद औरतों से पैदा होती है, इसलिए बीबी हव्वा (अलैहिस्सलाम) हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) की बेटी नहीं बल्कि उन्हीं से पैदा की गईं और उन्हें निकाह में दी गईं। औलाद अपनी ही क़िस्म से होती है — इंसान से इंसान पैदा होता है। इसलिए पैदा करने वाले की औलाद कोई मख़लूक़ नहीं हो सकती, ऐसे दावे ग़लत और बातिल हैं।

✅ [223] मख़लूक़ कभी पैदा करने वाले की औलाद नहीं हो सकती

अल्लाह हर चीज़ का पैदा करने वाला है, और मख़लूक़ उसकी औलाद नहीं हो सकती। इससे यह भी साबित होता है कि इंसान अपने अमल का पैदा करने वाला नहीं है — अल्लाह ही अमल पैदा करता है और इंसान सिर्फ उसे करता है। यह बात अल्लाह की क़ुदरत को हर चीज़ पर साबित करती है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now