कुरान - 6:102 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

102
ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمۡۖ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ خَٰلِقُ كُلِّ شَيۡءٖ فَٱعۡبُدُوهُۚ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ وَكِيلٞ

Transliteration: (Zaalikumul laahu Rabbukum laaa ilaaha illaa huwa khaaliqu kulli shai'in fa'budooh; wa huwa 'alaa kulli shai'inw Wakeel)

यह है अल्लाह, तुम्हारा रब। उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, वही हर चीज़ का पैदा करने वाला [224] है। तो सिर्फ उसकी इबादत करो, और वही हर चीज़ का निगहबान [225] है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 102 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 102 की तफ़्सीर

✅ [224] अल्लाह अकेला पैदा करने वाला और रोज़ी देने वाला है

वही सारी मख़लूक़ का अस्ल पैदा करने वाला है। हर मख़लूक़ की रोज़ी, उम्र और अमल उसके इख़्तियार में हैं। इसके बावजूद क़ुरआन ने ईमान वालों को एहतियात बरतने और वसीला अपनाने का हुक्म दिया है — जैसे ज़रूरत में डॉक्टर या हुकूमत से मशवरा लेना। औलिया या अम्बिया से जायज़ तरीक़े से मदद या शफ़ाअत चाहना तवक्कुल के खिलाफ़ नहीं, बल्कि अल्लाह के बनाए हुए ज़रिया का हिस्सा है।

✅ [225] वही हर चीज़ का निगहबान है

अल्लाह हमेशा अपनी मख़लूक़ का निगरान है। इस दुनिया में कोई उसे आंखों से नहीं देख सकता, लेकिन उसकी हिफ़ाज़त हमेशा जारी रहती है। आख़िरत में ईमान वालों को उसे देखने का शरफ़ मिलेगा। क़ुरआन ने इसको मिराज की आयतों और जन्नत वालों के रौशन चेहरों का अपने रब की तरफ़ देखना बयान किया है।

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