कुरान - 6:149 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

149
قُلۡ فَلِلَّهِ ٱلۡحُجَّةُ ٱلۡبَٰلِغَةُۖ فَلَوۡ شَآءَ لَهَدَىٰكُمۡ أَجۡمَعِينَ

Transliteration: (Qul falillaahil hujjatul baalighatu falaw shaaa'a lahadaakum ajma'een)

कह दो: तो अल्लाह की हुज्जत (दलील) पूरी और क़ाति (पुख़्ता) है [344]। अगर वह चाहता तो तुम सबको हिदायत दे देता [345]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 149 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 149 की तफ़्सीर

✅ [344] अल्लाह की दलील क़ाति है

नबियों के ज़रिये जो इल्म और हक़ आया है, वह बिल्कुल यक़ीनी और पुख़्ता है। उसे अंदाज़े, शक या अटकलों से झुटलाया नहीं जा सकता। अल्लाह की दलील हमेशा फ़ैसला-कुन और बाध्यकारी है।

✅ [345] हिदायत अल्लाह की मशीयत पर है

यहाँ हिदायत से मतलब सिर्फ़ रास्ता दिखाना नहीं, बल्कि उस पर क़बूलियत और अमल की तौफ़ीक़ देना है। अगर अल्लाह चाहता तो सबको यह तौफ़ीक़ मिल जाती, मगर उसने इन्सान को इख़्तियार (आज़ादी-ए-इख़्तियार) देकर आज़माइश में डाला है।

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