कुरान - 6:40 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

40
قُلۡ أَرَءَيۡتَكُمۡ إِنۡ أَتَىٰكُمۡ عَذَابُ ٱللَّهِ أَوۡ أَتَتۡكُمُ ٱلسَّاعَةُ أَغَيۡرَ ٱللَّهِ تَدۡعُونَ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Qul ara'aytakum in ataakum 'azaabul laahi aw atatkumus Saa'atu a-ghairal laahi tad'oona in kuntum saadiqeen)

कहो: क्या तुमने सोचा है — अगर अल्लाह का अज़ाब तुम्हारे पास आ जाए या क़ियामत की घड़ी आ पहुँचे, तो क्या अल्लाह के अलावा किसी और को पुकारोगे, अगर तुम सच्चे हो? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 40 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 40 की तफ़्सीर

✅ [80] सच्चाई की घड़ी में सिर्फ़ अल्लाह की पुकार

इस आयत में नबी ﷺ को हुक्म दिया गया है कि वे लोगों से पूछें: जब अल्लाह का अज़ाब आ जाए या क़ियामत की घड़ी आ जाए, यानी जब मुसीबत का सबसे बड़ा समय हो, तो क्या तुम सच में अल्लाह के अलावा किसी और को पुकारते हो? अगर तुम अपने दावे में सच्चे हो, तो बताओ। यह सवाल इनसान की फ़ितरत को उजागर करता है — मुसीबत के वक़्त हर कोई सिर्फ़ अल्लाह को ही पुकारता है, क्योंकि उसी की क़ुदरत और रहमत पर भरोसा होता है। यह आयत तौहीद की हक़ीक़त को साबित करती है कि असली मददगार और मुसीबत दूर करने वाला सिर्फ़ अल्लाह ही है।

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