Transliteration: (Faqad kazzaboo bilhaqqi lammaa jaaa'ahum fasawfa ya'teehim ambaaa'u maa kaanoo bihee yastahzi'oon)
“सच्चाई को झुठलाया” से मुराद है क़ुरआन, रसूल ﷺ, अल्लाह के हुक्म और मोजज़ात का इनकार।
इनकार करने वालों ने हक़ को जानबूझकर ठुकराया, और घमंड को इल्म और हिदायत पर तरजीह दी।
हक़ बिल्कुल वाज़ेह था, फिर भी उन्होंने उसे नहीं अपनाया।
यहाँ “वह ख़बर” से मुराद है वे अज़ाब और हिदायतें जिनका वे मज़ाक उड़ाते थे — जैसे बद्र की शिकस्त, मौत का अज़ाब, क़ब्र का हिसाब, और क़ियामत का दिन।
ये चीज़ें दूर नहीं हैं, बल्कि क़रीब हैं, और यक़ीनन हक़ीक़त बनकर सामने आने वाली हैं।
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