कुरान - 6:3 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

3
وَهُوَ ٱللَّهُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَفِي ٱلۡأَرۡضِ يَعۡلَمُ سِرَّكُمۡ وَجَهۡرَكُمۡ وَيَعۡلَمُ مَا تَكۡسِبُونَ

Transliteration: (Wa Huwal laahu fissamaawaati wa fil ardi ya'lamu sirrakum wa jahrakum wa ya'lamu maa taksiboon)

और वही अल्लाह है आसमानों और ज़मीन का मालिक [7]। वह जानता है तुम्हारे छुपे और खुले हालात को [8], और वह जानता है जो कुछ तुम कमाते हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 3 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 3 की तफ़्सीर

✅ [7] अल्लाह ही पूरी कायनात का इलाही है

यह ऐलान है कि सिर्फ़ अल्लाह ही आसमानों और ज़मीन दोनों का माबूद है।
पूरी मख़लूक़ — इंसान और जिन्न के सिवा — हर वक़्त उसकी इताअत में लगी हुई है, और कभी भी गुनाह या शिर्क नहीं करती।
पूरी कायनात उसकी ताज़ीम करती है, भले हमें उनके तस्बीह कहने का तरीका समझ न आता हो।

✅ [8] अल्लाह के इल्म से कुछ भी छुपा नहीं

अल्लाह तुम्हारे हर छुपे हुए और ज़ाहिर हालात से वाक़िफ़ है।
वह तुम्हारे दिलों की नियतों को भी जानता है, और तुम्हारे आमाल को भी — चाहे वो सामने हों या छुपकर किए गए हों।
हर शख़्स को उसी के आमाल के मुताबिक़ बदला मिलेगा — सवाब या सज़ा।

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