कुरान - 6:55 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
وَكَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ وَلِتَسۡتَبِينَ سَبِيلُ ٱلۡمُجۡرِمِينَ

Transliteration: (Wa kazaalika nufassilul Aayaati wa litastabeena sabeelul mujrimeen)

और इसी तरह हम आयतों को तफ़्सील से बयान करते हैं ताकि मुजरिमों का रास्ता वाज़ेह हो जाए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-अनआम - आयत 55

✅ आयात की तफ़्सील और मुजरिमों का रास्ता

अल्लाह तआला अपनी आयतों को खोल-खोलकर बयान फ़रमाता है ताकि हिदायत का सीधा रास्ता भी साफ़ नज़र आए और गुनाहगारों व मुजरिमों की गुमराही की राह भी पूरी तरह बे-नक़ाब हो जाए।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now