Transliteration: (Falammmaa ra al qamara baazighan qaala haazaa Rabbee falammaaa afala qaala la'il lam yahdinee Rabbee la akoonanna minal qawmid daaalleen)
हज़रत इब्राहीम عليه السلام ने अपने लोगों के सितारों और चाँद की पूजा के तरीक़े को तार्किक ढंग से खारिज किया। उनका यह कहना — "अगर मेरा रब मुझे हिदायत न देता" — अल्लाह के सामने विनम्रता का इज़हार था, लेकिन साथ ही यह दावा भी कि वह पहले से अल्लाह की हिदायत पर हैं। इसका मतलब यह है कि बिना अल्लाह की हिदायत के इंसान गुमराह हो जाता है, मगर इब्राहीम عليه السلام को अल्लाह ने शुरू से ही सच्ची राह दिखा दी थी, इसीलिए वह कभी गुमराहों में से नहीं हुए।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat