कुरान - 6:87 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

87
وَمِنۡ ءَابَآئِهِمۡ وَذُرِّيَّـٰتِهِمۡ وَإِخۡوَٰنِهِمۡۖ وَٱجۡتَبَيۡنَٰهُمۡ وَهَدَيۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ

Transliteration: (Wa min aabaaa'ihim wa zurriyyaatihim wa ikhwaanihim wajtabainaahum wa hadainaahum ilaa Siraatim Mustaqeem)

यहाँ हमने श्रेष्ठ बनाया उनमें से कुछ के बापों को, उनकी औलाद [173] को, और उनके कुछ भाइयों को, और हमने उन्हें चुन लिया और उन्हें सीधा रास्ता दिखाया [174] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 87 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनआम – आयत 87 की तफ़्सीर

✅ [173] नुबूवत सिर्फ चुनिंदा व्यक्तियों को मिली

इस आयत में बताया गया है कि सभी पैग़म्बरों के रिश्तेदारों को नुबूवत नहीं मिली। कुछ बाप, औलाद और भाई नबी बनाए गए, जबकि कुछ काफ़िर भी थे। यह साबित करता है कि नुबूवत सिर्फ अल्लाह का तोहफ़ा है, वंश से अपने आप नहीं मिलती।

✅ [174] पैग़म्बर सीधा रास्ता छोड़ते नहीं

अल्लाह ने अपने पैग़म्बरों को चुनकर सीधा रास्ता दिखाया, इसलिए उनका गुमराह होना नामुमकिन है। यह हिदायत किसी ताक़त से छीनी नहीं जा सकती, यहाँ तक कि शैतान भी इसे बदल नहीं सकता। जैसे सूरज की रौशनी को कोई बुझा नहीं सकता, वैसे ही नबी की हिदायत भी अटूट रहती है।

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