कुरान - 6:94 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

94
وَلَقَدۡ جِئۡتُمُونَا فُرَٰدَىٰ كَمَا خَلَقۡنَٰكُمۡ أَوَّلَ مَرَّةٖ وَتَرَكۡتُم مَّا خَوَّلۡنَٰكُمۡ وَرَآءَ ظُهُورِكُمۡۖ وَمَا نَرَىٰ مَعَكُمۡ شُفَعَآءَكُمُ ٱلَّذِينَ زَعَمۡتُمۡ أَنَّهُمۡ فِيكُمۡ شُرَكَـٰٓؤُاْۚ لَقَد تَّقَطَّعَ بَيۡنَكُمۡ وَضَلَّ عَنكُم مَّا كُنتُمۡ تَزۡعُمُونَ

Transliteration: (Wa laqad ji'tumoonaa furaadaa kamaa khalaqnaakum awwala marratinw wa taraktum maa khawwalnaakum waraaa'a zuhoorikum wa maa naraa ma'akum shufa'aaa' akumul lazeena za'amtum annahum feekum shurakaaa'; laqat taqatta'a bainakum wa dalla 'annkum maa kuntum taz'umoon)

तुम हमारे पास अकेले आ गए हो, जैसे हमने तुम्हें पहली बार [199] पैदा किया था। और जो कुछ हमने तुम्हें दिया था, तुम उसे पीछे छोड़ [200] आए हो, और हम तुम्हारे साथ तुम्हारे उन सिफ़ारिश करने वालों को नहीं देखते जिन्हें तुम हमारे साथ साझेदार [201] ठहराते थे। निश्चय ही तुम्हारे और उनके बीच का संबंध टूट [202] चुका है और जो कुछ तुम दावा करते थे वह तुमसे गायब [203] हो गया है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरा अल-अनआम – आयत 94

✅ [199] अल्लाह की ओर अकेले लौटने की हकीकत

यह आयत काफ़िरों को झिड़कती है जो माल और औलाद से इतने जुड़े थे कि अल्लाह को भूल गए। क़ियामत के दिन वे उसी तरह अकेले और ख़ाली हाथ लौटेंगे जैसे पैदा हुए थे। उनके कल्पित सहारे—मूर्तियाँ और दुनियावी लगाव—साथ नहीं होंगे और न ही उनका बचाव करेंगे।

✅ [200] मौत पर दुनियावी माल पीछे छूट जाता है

काफ़िर अपने धन, सत्ता और प्रभाव सब पीछे छोड़ देंगे। मोमिनों को उनके नेक आमाल फ़ायदा देंगे, लेकिन काफ़िर अकेले खड़े होंगे—न कोई सिफ़ारिश, न वह इनाम जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी।

✅ [201] झूठे साझेदारों का विश्वास टूटना

काफ़िर अपने मूर्तियों को मददगार और अल्लाह के सामने सिफ़ारिशी मानते थे। वे समझते थे कि ये अल्लाह की मदद करेंगे। लेकिन उस दिन न ये मूर्तियाँ होंगी, न उनकी कोई मदद। उनके ग़लत अकीदे पूरी तरह बेनक़ाब हो जाएंगे।

✅ [202] मोमिन अपने अहबाब के साथ होंगे

जहाँ काफ़िर अकेले होंगे, वहीं मोमिन अपने सच्चे दोस्तों—अल्लाह, रसूल ﷺ और नेक लोगों—के साथ होंगे। मोमिन अपने पाक औलाद के साथ भी मिलेंगे, जबकि काफ़िरों के रिश्ते हमेशा के लिए टूट जाएंगे।

✅ [203] झूठे वादे और देवता ग़ायब हो जाएंगे

शैतान और मूर्तियाँ जिन्होंने काफ़िरों को सुरक्षा और मदद का भरोसा दिया था, मौजूद नहीं होंगे। उनकी सिफ़ारिश और निजात की दावेबाज़ी मिट जाएगी और उनकी सारी उम्मीदें टूट जाएंगी।

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