कुरान - 6:95 सूरह अल-अनाम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

95
۞إِنَّ ٱللَّهَ فَالِقُ ٱلۡحَبِّ وَٱلنَّوَىٰۖ يُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيِّتِ وَمُخۡرِجُ ٱلۡمَيِّتِ مِنَ ٱلۡحَيِّۚ ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُۖ فَأَنَّىٰ تُؤۡفَكُونَ

Transliteration: (Innal laaha faaliqul habbi wannawaa yukhrijul haiya minal maiyiti wa mukhrijul maiyiti minal haiy; zaalikumul laahu fa annaa tu'fakoon)

निःसंदेह अल्लाह ही है जो दाना और गुठली को फाड़ता है [204]। वह ज़िन्दा को मुर्दे से निकालता है और मुर्दे को ज़िन्दा से निकालता है [205]। यही अल्लाह है, तो तुम कहाँ बहकाए जा रहे हो? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनाम आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरा अल-अनआम – आयत 95

✅ [204]

अल्लाह अपनी क़ुदरत से दाना और गुठली को चीरता है और उससे ज़िन्दगी निकालता है। यह इस बात की दलील है कि वह बे-नियाज़ है और उसे किसी मददगार की ज़रूरत नहीं। जो यह समझे कि अल्लाह को सिफ़ारिश करने वाले या सहायक की आवश्यकता है, वह शिर्क करता है।

✅ [205]

अल्लाह मुर्दा से ज़िन्दा और ज़िन्दा से मुर्दा निकालता है — जैसे बीज से पौधा, नफ़्स से इंसान और अंडे से चूज़ा। इसी तरह वह रूहानी ज़िन्दगी भी देता है: जाहिल को आलिम से, काफ़िर को वली से और मुनाफ़िक़ को मोमिन से। यह उसकी हिकमत और ताक़त की निशानी है।

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