Transliteration: (Wa huwal lazeee ansha akum min nafsinw waahidatin famustaqarrunw wa mustawda'; qad fassalnal Aayaati liqaw miny-yafqahoon)
अल्लाह ने सितारों को इस तरह बनाया कि वे रात के अँधेरों में ज़मीनी और समुद्री सफ़र करने वालों के लिए रास्ता बताने का ज़रिया बनें। वे दिशा और समय के निर्धारण में मदद करते हैं। रूहानी तौर पर, सितारे हज़रत नबी ﷺ के मुबारक सहाबा की मिसाल भी हैं, जो ईमान के मामलों में रोशनी और रहनुमाई देने वाले सितारों की तरह हैं।
यह आयत बताती है कि सारी कुदरती निशानियाँ उन लोगों की रहनुमाई के लिए हैं जिनके पास असली इल्म है—यानी ऐसा इल्म जो इंसान को अल्लाह की पहचान और उसकी तरफ़ क़रीब कर दे। अगर इल्म इंसान को अल्लाह से दूर करे, तो वह इल्म नहीं बल्कि जहालत का पर्दा है।
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