कुरान - 21:12 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
فَلَمَّآ أَحَسُّواْ بَأۡسَنَآ إِذَا هُم مِّنۡهَا يَرۡكُضُونَ

Transliteration: (Falammaaa ahassoo ba'sanaaa izaa hum minhaa yarkudoon)

12. फिर जब उन्होंने हमारे अज़ाब की आहट महसूस की, तो फ़ौरन उससे भागने लगे [20] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 12 की तफ़सीर

"फिर जब उन्होंने हमारे अज़ाब की आहट महसूस की, तो फ़ौरन उससे भागने लगे [20] ।"

[20] अज़ाब देखकर बदहवासी और बेसूद भाग-दौड़

जब अज़ाब-ए-इलाही नाज़िल हुआ तो जो लोग कल तक तकब्बुर करते थे, वे बेतहाशा भागने लगे। मगर उस वक़्त का भागना और डरना किसी काम न आया क्योंकि तौबा का वक़्त गुज़र चुका था।

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