Transliteration: (Bal naqzifu bilhaqqi 'alal baatili fa yadmaghuhoo fa izaa huwa zaahiq; wa lakumul wailu mimmaa tasifoon)
"बल्कि हम हक़ को बातिल पर मारते हैं, तो वह उसका मग़्ज़ निकाल देता है और वह उसी वक़्त मिट जाता है [27]; और तुम्हारे लिए तबाही है उन बातों से जो तुम गढ़ते हो।"
बातिल चाहे कितना ही शोर मचाए, हक़ की एक ज़रब उसके दिमाग़ को पाश-पाश कर देती है। जैसे हज़रत मूसा के असा ने सारे जादू को निगल लिया, वैसे ही क़ुरआने मजीद ने कुफ़्र व शिर्क के तमाम बातिल नज़रियात को जड़ से उखाड़ फेंका।
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