Transliteration: (Wa laqad aatainaaa Ibraaheema rushdahoo min qablu wa kunnaa bihee 'aalimeen)
"और यक़ीनन हमने इससे पहले इब्राहीम को उनकी समझ-बूझ (रुश्द व हिदायत) अता की थी [81], और हम उनके (नेक हाल) से ख़ूब वाक़िफ़ थे [82] ।"
अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को बचपन ही से कामिल समझ-बूझ, अक़्ल और रुश्द अता फ़रमाया था। उन्होंने कभी किसी बुत या सितारे की पूजा नहीं की, बल्कि हमेशा तौहीद पर क़ाइम रहे।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम उनके इख़्लास, सिद्क़ और अहलियत से अज़ल से बा-ख़बर थे। इससे उन लोगों का रद्द होता है जो अंबिया की शान में गुस्ताख़ी करते हुए यह गुमान करते हैं कि वे नुबुव्वत से पहले (मआज़ल्लाह) शिर्क या गुनाह में मुब्तला थे। तमाम अंबिया मादरज़ाद मासूम और मुवह्हिद होते हैं।
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