कुरान - 21:7 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

7
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا قَبۡلَكَ إِلَّا رِجَالٗا نُّوحِيٓ إِلَيۡهِمۡۖ فَسۡـَٔلُوٓاْ أَهۡلَ ٱلذِّكۡرِ إِن كُنتُمۡ لَا تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Wa maaa arsalnaa qablaka illaa rijaalan nooheee ilaihim fas'aloo ahlaz zikri in kuntum laa ta'lamoon)

7. और हमने आपसे पहले भी मर्दों ही को रसूल बनाकर भेजा [12] जिनकी तरफ़ हम वही फ़रमाते थे; तो ऐ लोगो! अगर तुम नहीं जानते तो इल्म वालों से पूछ लो [13] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 7 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 7 की तफ़सीर

"और हमने आपसे पहले भी मर्दों ही को रसूल बनाकर भेजा [12] जिनकी तरफ़ हम वही फ़रमाते थे; तो ऐ लोगो! अगर तुम नहीं जानते तो इल्म वालों से पूछ लो [13] ।"

[12] तमाम अंबिया मर्द ही थे

इससे मुशरिकों के उस शुबहे का रद्द हुआ कि नबी फ़रिश्ता क्यों नहीं हुआ। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि पिछले तमाम पैग़म्बर भी इंसानी मर्दों ही में से मुंतख़ब किए गए थे ताकि इंसान उनकी सोहबत और सुन्नत से फ़ैज़याब हो सके।

[13] अहले इल्म से रुजू करने का उसूल

फ़रमाया: "अगर तुम नहीं जानते तो इल्म वालों से पूछ लो।" यह दीनी और शरई मामलात का बुनियादी उसूल है कि नावाक़िफ़ को उलमा-ए-किराम और साहिबाने बसीरत की तरफ़ रुजू करना लाज़िम है।

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